
पटना। हर साल करीब सात हजार भारतीय विद्यार्थी मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं। उनमें से अधिकतर चीन और रूस जाते हैं। इसमें बिहार से भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स होते हैं। इन्हीं में एक थे पटना के अभय कुमार सिंह, जो 1991 में मेडिकल की पढ़ाई के लिए पहली बार रूस गए। 1988 में लोयला हाईस्कूल से पासआउट अभय कुमार सिंह के लिए उस वक्त मेडिकल में कॅरियर बनाना ही मकसद था। यह पूरा भी हुआ, क्योंकि अभय ने रूस में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटकर मेडिकल प्रैक्टिस के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। लेकिन, नियति को कुछ और मंजूर था। एक बार फिर अभय रूस चले गए और अब अभय रूस में कुर्स्क प्रांत के डेप्यूटैट यानी विधायक बन गए हैं।
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